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13 से 15 मई तक ग्राम पंचायत स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर, किसानों की फार्मर आईडी, बकेट क्लेमिंग एवं ई-टोकन बुकिंग का होगा कार्य

13 से 15 मई तक ग्राम पंचायत स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर

किसानों की फार्मर आईडी, बकेट क्लेमिंग एवं ई-टोकन बुकिंग का होगा कार्य

संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय भोपाल के निर्देशानुसार प्रदेश के समस्त जिलों में ई-विकास प्रणाली पोर्टल के माध्यम से उर्वरक वितरण किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि एबीस्टेक पोर्टल पर कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री एवं बकेट क्लेमिंग कार्य की प्रगति वर्तमान में 50 प्रतिशत से कम है, जबकि ई-विकास प्रणाली अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री से लिंक भूमि के अनुपात में ही फसल अनुसार उर्वरक प्रदाय किया जाना है।

किसानों की शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री एवं बकेट क्लेमिंग के लिए विशेष अभियान

निर्देशानुसार किसानों की शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री एवं बकेट क्लेमिंग कार्य पूर्ण करने के उद्देश्य से 13 मई 2026 से 15 मई 2026 तक ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर आयोजित होने के कम से कम एक दिन पूर्व किसानों को फार्मर आईडी बनवाने एवं छूटे हुए खसरों को जोड़ने के लिए आवश्यक दस्तावेजों सहित शिविर में उपस्थित होने के लिए मुनादी कराई जाएगी। शिविर में किसानों की निजी भूमि को फार्मर आईडी से शत-प्रतिशत लिंक किया जाएगा। शिविर के दौरान किसानों की फार्मर आईडी बनाना एवं समस्त खसरों को फार्मर आईडी से लिंक करने का कार्य राजस्व विभाग के पटवारी द्वारा किया जाएगा। वहीं कृषि विभाग, पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा किसानों की ई-टोकन बुकिंग की जाएगी। सहकारिता विभाग द्वारा समिति स्तर पर समिति सदस्यों के ई-टोकन बुकिंग का कार्य किया जाएगा।

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शिविर में आवश्यक दस्तावेज लाना अनिवार्य

कृषकों को शिविर में आधार कार्ड, भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (खसरा/खातौनी), मोबाइल नंबर, समग्र आईडी तथा मृत किसान की स्थिति में मृत्यु प्रमाण पत्र एवं अन्य परिजनों का सहमति पत्र लाना अनिवार्य होगा। समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को शिविर के लिए नोडल अधिकारी तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। शिविरों के संचालन एवं कार्य प्रगति के लिए संबंधित तहसीलदार उत्तरदायी होंगे, जिसका समन्वय अनुविभागीय कृषि अधिकारी एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा किया जाएगा।

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